फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग ( FinancialAccounting ) के बारे मे पूरी जानकारी

फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग क्या होता है ? फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग के अंतर्गत क्या क्या आता है हैलो दोस्तो मै टेक्निकल माजिद और आज की इस पोस्ट मे आप सभी का welcome करता हु यदि फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग के बारे मे पूरी जानकारी लेना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक पढे 


फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग


 फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग ( FinancialAccounting ) 


मुद्रा से सम्बन्धित लेन - देनों ( Monetary Transactions ) , वर्गीकरण ( Classification ) और संक्षिप्तिकरण  की प्रक्रिया को फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग ( Financial Accounting ) कहा जाता है । ज्ञात हो , दो व्यक्तियों या दो संस्थाओं

अर्थात् दो पार्टियों के बीच वस्तुओं ( माल ) या सेवाओं ( Goods or Services ) के आदान - प्रदान की क्रिया को ट्रान्जैक्शन ( Transaction ) कहा जाता है 

 

वित्तीय गुण वाले ट्रान्जैक्शन को बिजनेस ट्रान्जैक्शन ( Bussiness Transaction ) कहा जाता है । यदि किसी ट्रान्जैक्शन का गुण वित्तीय नहीं होता है , तो उसे एकाउन्ट्स ( Accounts ) की पुस्तक ( Book ) में रिकॉर्ड नहीं किया जाता है । इसका तात्पर्य यह है कि बिजनेस ट्रान्जैक्शन का तात्पर्य हमेशा ही वित्तीय ट्रान्जैक्शन से होता है । 


यद्यपि फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग में प्रबन्धन से सम्बन्धित कुछ सूचनायें भी जेनरेट होती हैं  परन्तु इसका प्रमुख उद्देश्य नियोक्ताओं ( Investors ) और ऋणदाताओं ( Creditors ) के लिए व्यापारिक संस्था की वास्तविक आर्थिक स्थिति को चित्रित करना या दर्शाना होता है । 

कम्प्यूटरीकृत फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग में मॉनिटरी ट्रान्जैक्शन्स ( Monetary Transactions ) अर्थात् मुद्रा से सम्बन्धित ट्रान्जैक्शन्स की रसीदों ( Receipts ) और व्यय के मदों ( Funds of Expenditure ) को फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग मॉड्यूल ( Financial Accounting Module ) में डेटाबेस के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है 

तथा इन्हें जर्नल्स ( Journals ) में मेनटेन किया जाता है । विदित हो कि एक निश्चित समयावधि पर बेसिक फाइनेन्शियल स्टेटमेन्ट्स ( Basic Financial Statements ) जैसे — बैलेन्स शीट और इनकम स्टेटमेन्ट को अपडेट करने के लिए जर्नल ( Journal ) का प्रयोग किया जाता है । 

यद्यपि विभिन्न संस्थाओं के एकाउन्टिंग विभाग में परम्परागत रूप से कम्प्यूटर का प्रयोग होता है , परन्तु लम्बे समय से चले आ रहे सामान्यतः स्वीकार्य लेखांकन सिद्धान्त ( Generally Accepted Accounting Principles [ GAAPJ ) , कुछ हद तक एकाउन्टिंग - एप्लीकेशन्स को दबाता आ रहा है । 

ऑटोमेटेड एकाउन्टिंग के साथ दूसरी समस्या यह है कि इसमें एकाउन्टिंग प्रविष्टियों ( Accounting Entries ) का बैकअप ( Backup ) लेने के लिए एक ऑडिट - ट्रेल ( Audit Trail ) की आवश्यकता होती है । 

विदित हो कि रैन्डम एक्सेस फाइल्स ( Random Access Files ) और डेटाबेस फाइलों को ऑडिट करना काफी मुश्किल होता है और कई परिस्थितियों में गैप ( GAAP ) की आज्ञानुकूलता ( Compliance ) के लिए प्रोसेसिंग स्पीड पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है । 

 

फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग मुख्य उद्देश्यों की गणना


FinancialAccounting


छोटे से मध्यम दर्जे की कम्पनियों में कम्प्यूटरीकृत फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग के लिए टैली ( Tally ) जैसे विशिष्ट सॉफ्टवेयर पैकेज का प्रयोग होता है ।

  1. एकाउन्टिंग सॉफ्टवेयर का प्रयोग डेटा प्रविष्टि 
  2. बिलिंग ( Billing ) 
  3. एकाउन्ट्स पेएबल ( Accounts Payable ) 
  4.  एकाउन्ट्स रिसीवेबल ( Accounts Receivable ) 
  5. इन्वेन्ट्री कन्ट्रोल ( Inventory Control ) 
  6. सेल्स एनालिसिस ( Sales Analysis ) 
  7. टैक्स - कैलकुलेशन ( Tax - Calculation )  
  8. पे - रोल ( Pay Roll ) तैयार करने 
  9. बजट एनालिसिस ( Budget Analysis ) करने  
  10. विभिन्न सरकारी डॉक्यूमेन्ट्स तैयार इत्यादि के लिए होता है ।


Final word


दोस्तो मै आशा करता हु की आप को आर्टिकल पढ़ कर फाइनेन्शियल एकाउन्टिंग बारे मे पूरी जानकारी मिल गयी होगी यदि आप के पास कोई Question है तो आप कमेंट कर सकते है