ग्लोबल सिस्टम मोबाइल ( GSM ) कम्यूनिकेशन ( Global System Mobile Communication )

ग्लोबल सिस्टम मोबाइल ( GSM ) कम्यूनिकेशन ( Global System Mobile Communication )


क्या आप जानते है की ग्लोबल सिस्टम मोबाइल ( GSM ) कम्यूनिकेशन क्या होते है? और  Global System Mobile Communication का प्रयोग कैसे किया जाता है ? हैलो दोस्तो मै टेक्निकल माजिद और आप सभी लोगो का technicalmajid मे welcome करता हु यदि आप लोग GSM के बारे मे पूरी जानकारी लेना चाहते है तो इस आर्टिकल को अंत तक पढे

 

ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्यूनिकेशन सिस्टम अर्थात् GSM विश्व में मोबाइल फोन के लिए सर्वाधिक लोकप्रिय मानक है । एक सर्वेक्षण के अनुसार , विश्व भर में मोबाइल यूजर्स में से लगभग 80 प्रतिशत यूजर्स GSM का प्रयोग करते हैं । इस का प्रयोग 212 से अधिक देशों में लगभग 3 अरब से अधिक मोबाइल यूजर्स द्वारा किया जा रहा है । 

इसकी सर्वव्यापकता ( Ubiquity ) ने मोबाइल फोन ऑपरेटर्स के मध्य अन्तर्राष्ट्रीय रोमिंग को अत्यन्त सरल बना दिया है , जिससे यूजर अपने मोबाइल का प्रयोग विश्व के अनेक भागों में प्रयोग करने में सक्षम हो जाते हैं । 

GSM में सिगनलिंग और स्पीच चैनल दोनों के ही डिजिटल होने के कारण इसे दूसरी पीढ़ी ( Second Generation - 2G ) का मोबाइल फोन सिस्टम कहा जा सकता है । यह सिस्टम में डेटा कम्यूनिकेशन एप्लीकेशन्स के विश्व - व्यापी कार्यान्वयन ( Implementation ) की सुविधा उपलब्ध कराता है


Global System for Mobile Communication?

GSM मानक के कार्यान्वयन की सर्वव्यापकता ( Ubiquity ) उपभोक्ताओं और नेटवर्क ऑपरेटर्स दोनों के लिए लाभदायक है । उपभोक्ता को अपना फोन बदले बिना रोमिंग और कैरियर्स को स्विच करने की सुविधा प्राप्त होती है तो नेटवर्क ऑपरेटर्स अनेक GSM उपकरण विक्रेताओं ( GSM Equipment Vendors ) से वांछित उपकरण ( Equipment ) का चुनाव कर सकते हैं । 

GSM ने कम लागत वाली शॉर्ट मैसेज सर्विस - एसएमएस ( Short Message Service - SMS ) , जिसे टैक्स्ट मैसेजिंग ( Text Messaging ) कहा जाता है , की शुरूआत की है 

और अब यह सभी मोबाइल फोन मानकों द्वारा भी समर्थित ( Supported ) है । GSM में एक विश्वव्यापी आपातकालीन टेलीफोन नम्बर ( Worldwide Emergency Telephone Number ) 112 को सम्मिलित किया गया है ,

 जिससे अन्तर्राष्ट्रीय यात्रियों को बिना स्थानीय आपातकालीन टेलीफोन नम्बर ( Local Emergency Telephone Number ) की जानकारी के बिना भी आपातकालीन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं


What is GSM technology and how it works?

GSM के लिए उपलब्ध फ्रीक्वेन्सी स्पैक्ट्रम , जो भारत में 4.4 मेगाहर्ट्ज से 6,2 मेगाहर्ट्ज है , को पहले 200 किलोहर्टज के चैनल्स में विभाजित किया जाता है और इसके बाद उन्हें क्रम से टाइम स्लॉट्स ( Time Slots ) में विभक्त कर दिया जाता है । चैनल का उपयोगकर्ता दिए गए टाइम स्लॉट में राऊण्ड रॉबिन ( Round Robin ) तरीके से घूमता है । इस प्रकार एक समय में केवल एक ही व्यक्ति चैनल का उपयोग कर पाता है । 

यद्यपि वह उस चैनल का उपयोग काफी कम समय ( लगभग 577 माइक्रोसेकेण्ड ) के लिए कर पाता है । फ्रीक्वेन्सी का उपयोग और अधिक बढ़ाने तथा अधिक बड़े क्षेत्रफल को कवर करने के लिए कुल उपलब्ध चैनल्स को 7 ऐसे समूहों में विभक्त कर दिया जाता है जिनका फिर से उपयोग किया जा सके


GSM एक सैल्यूलर नेटवर्क है , जिसका तात्पर्य है कि मोबाइल फोन्स अपमे समीपवर्ती सैल के लिए खोज करते हैं और इससे जुड़ते हैं । GSM नेटवर्क में पांच विभिन्न प्रकार के सैल साइजेज़ ( Cell Sizes ) होते हैं - मैक्रो ( Macro ) , माइक्रो ( Micro ) , पिको ( Pico ) , फेन्टो ( Femto ) और अम्ब्रेला ( Umbrella ) सैल्स । 

इम्प्लीमेन्टेशन ( Implementation ) वातावरण के अनुरूप प्रत्येक सैल का कबरेज एरिया ( Coverage Area ) भिन्न - भिन्न होता है 

मैक्रो सैल्स , वे सैल्स होते हैं , जहां बेस स्टेशन एन्टीना को किसी ऐसे खम्भे अथवा ऐसी इमारत पर स्थापित किया जाता है , जिसकी ऊंचाई औसत छतों की ऊंचाई से अधिक हो । माइक्रो सैल्स , वे सैल्स होते हैं , जिनके एन्टीना की ऊंचाई औसत छतों की ऊंचाई से कम होती है 

 इस प्रकार सैल्स का प्रयोग विशेषतः शहरी क्षेत्रों में किया जाता है । पिको सैल्स , वे सैल्स होते हैं , जिनके कवरेज एरिया का व्यास ( Diameter ) कुछ दर्जन मीटर्स ही होता है इस प्रकार के सैल्स का प्रयोग मुख्यतः किसी भवन के अन्दर की किया जाता है । फेम्टो सैल्स को आवासीय ( Residential ) अथवा छोटे व्यावसायिक परिवेश ( Small Business Environment ) में प्रयोग किए जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है , 

जिनको एक ब्रॉडबैण्ड इन्टरनेट कनेक्शन ( Broadband Internet Connection ) के माध्यम से सेवा प्रदाता से कनेक्ट होता है । अम्ब्रेला सैल्स का प्रयोग छोटे सैल्स के छाया - क्षेत्रों ( Shadowed Regions ) को कवर ( Cover ) करने और इन सैल्स के मध्य का रिक्त स्थान भरने के लिए होता है ।


जीएसएम नेटवर्क की संरचना ( Structure of GSM Network )


 GSM नेटवर्क निम्नलिखित चार मुख्य भागों में बंटा होता है 

( 1 ) मोबाइल स्टेशन ( Mobile Station - MS ) 

( 2 ) बेस स्टेशन सिस्टम ( Base Station System - BSS ) 

( 3 ) नेटवर्क एवं स्विचिंग सब - सिस्टम ( Network and Switching Subsystem - NSS ) 

( 4 ) आपरेशन एवं सपोर्ट सब - सिस्टम ( Operation and Support Subsystem - OSS )


Final Word

दोस्तो आज की इस आर्टिकल मै ने आप लोगो को बताया है की What is mobile communication system?What is GSM technology and how it works? तथा What is the use of GSM in mobile? के बारे मे पूरे daitail मे बताया हु यदि आप के पासकोई भी Question है तो आप comment कर सकते है इस आर्टिकल को अपने दोस्तो के साथ ज़रूर share करे